उसने कहा दीदी मैं आपको देखना चाहता हूं। मैंने कहा मैं भी कपड़े नहीं पहनी हूं उसने कहा इसीलिए तो मैं देखना चाहता हूं कि बिना कपड़े में आप कैसे लगती हो।यह बोलते हुए उसकी आवाज लड़खड़ा रही थी डर भी रहा था कि मैं रिएक्ट कैसे करूंगी। मैंने कहा कि गलत बात है अनुज में मम्मी पापा को बता दूंगी। तो भाई कहता है तो मैं भी बता दूंगा उनको कि तुम बैगन अपने प्राइवेट पार्ट में डालती हो। हे भगवान उसको पता चल गया मैं हमारी वासना पढ़कर अपने चूत में बैगन डालती हूं ताकि हस्तमैथुन कर सकूं।ज्यादा हो गई है उम्र में दी हर एक को मन करता है सेक्स करने का पर अगर जब सेक्स नहीं मिले तभी बैगन का सहारा लिया जाता है हस्तमैथुन का सहारा लिया जाता है। मैंने कहा अनुज तुम ऐसा कुछ भी नहीं कहोगे पर उसने कहा तो फिर मुझे दिखाओ। मैंने कहा मुझे शर्म आ रही है।उसने कहा कि जब बैगन डालते हो तो शर्म नहीं आती है। मैंने कहा हरामी सूअर कहिका तुम देख ही लो मुझे नंगी। और मैं दरवाजा खोल दी वह तुरंत बाहर आ गया जब उसने मेरी जिस्म को ऊपर से नीचे तक निहारा तो पागल सा हो गया वह मेरे पर टूट पड़ा वह मेरे चुचियों को दबाने के लिए अपने हाथ बढ़ा दिए।मैं रोकने की















