अब में उसके साथ सेक्स के लिए पागल हो रहा था, लेकिन शाम को में घर वापस आ जाता था और दिन में सेक्स का काम नहीं हो सकता था.एक दिन साईट पर दूसरे फ्लोर की स्लेब की कास्टिंग थी और कास्टिंग दिन में 2 बजे को होनी थी और लेट नाईट तक काम होना था. XXX Hindi फिर मैंने उसका और अपना मोबाईल ऑफ कर दिया, अब में तो सेक्स से पागल हो रहा था. मैंने उसकी एक टांग को अपने कंधो पर रख लिया, उसके बूब्स काफ़ी बड़े-बड़े थे और जब में उसको चोद रहा था तब वो तेज़ी से हिल रहे थे.इस तरह मुझको सर्दी में भी पसीना आ गया था और इस तरह हमने 3 बार चुदाई की. अब हम दोनों ने एक दूसरे को ज़ोर से पकड़ लिया और किस करने लगे, फिर मैंने तेज़ी से उसका ब्लाउज उतार दिया. यह बात दिसम्बर की है, उस टाईम में सिवान के पास एक गावं में साईट पर सिविल इंजिनियर था और अपने काम में व्यस्त रहता था. तब में उसको किस करने लगा और धीरे-धीरे हिलने लगा. अब हम दोनों ने एक दूसरे को ज़ोर से पकड़ लिया और किस करने लगे, फिर मैंने तेज़ी से उसका ब्लाउज उतार दिया. में बचपन से ही सेक्स के बारे में कहानियाँ पढ़ा करता था और जिम जाने की वजह से मेरा लंड















