यह लंड अभी भी लोहे जैसा सख्त था. लंड को पूरा निचोड़ कर आलोक वही मेरे उपर सो गया… सच मैं आलोक ने मेरी चूत गांड और स्तन सब को शांत कर दिया…..!अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- यह लंड अभी भी लोहे जैसा सख्त था. XXX Hindi मैंने आलोक का लंड हाथ में लेकर उसका कद माप लिया और फिर में तुरंत निचे बैठ गई इस तगड़े लंड की मस्त चुसाई करने के लिए. लेकिन जेठ ने तो मेरे स्तन दबाते हुए कहा, “रानी केवल दो मिनिट सब्र कर लो, यह सेक्स तुम्हारी जिन्दगी का सब से बढ़िया सेक्स होंगा…!” उसके हाथ मेरे चुन्चो को जोर से दबाने लगे और एक मिनिट के अंदर मुझे सच में मजा आने लगा…अब मैंने अपनी गांड धीरे हिलाई ताकि यह तगड़ा लंड उसके अंदर मजे से चुदाई कर सके. वोह मेरे करीब आया और बोला करती रहो तुम्हे देख के मुझे भी उत्तेजना हो रही है, वोह उत्तेजना जो सीमा मुझे नहीं दे पाती.यह सुन के मेरी जान में जान आई. सास ससुर वही रुके और हम तीनो वापस घर को आने के लिए निकले.तभी रास्ते में जेठानी सीमा अपने मम्मी के घर जाने का बोल के हमसे अलग हो गई.















