और…ज़ोर…से… पेल मेरी बुर को… मेरी चुचि भी खूब ज़ोर ज़ोर से मीस्ता जा भाई… मेरे दूध मे काट दे… मेरे निपल भी अपने दांतो से काट भाई.. XXX Hindi अपनी दीदी की बुर.बृजेश–तो फिर आ जाओ.किरन–पहले माँ को खेत चली जाने दो… तब तक तुम भी नाश्ता कर लो.बृजेश–रुक थोड़ा तेरे दूध मसल लूँ…किरन–बाद मे अभी माँ आ जाएगी… माँ के जाने के बाद मुझे पूरी नंगी कर लेना और जितना मंन करे उतना चोद लेना मेरी बुर… मसल लेना जितना मन करे मेरे दूध… अब नीचे चल… फिर बृजेश खुशी खुशी नीचे आ गया… उसकी माँ ने उसको नाश्ता कराया और फिर वो खेतो की तरफ चली गयी… माँ के जाते ही बृजेश ने अपनी सग़ी बड़ी बहन किरन को गोदी मे उठा कर अपने बिस्तर मे लाकर पटक दिया… आगे की कहानी बृजेश की जुबानी. दीदी… रोज पेल पेल के तेरी बुर को भोसड़ा बना दूँगा.किरन—तो जल्दी से मुझे पूरी नंगी कर ना… और चोद डाल मेरी बुरमैने दीदी के बचे कुचे कपड़े भी निकाल दिए… वो अब मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी… उनके बड़े बड़े दूध कयामत ढा रहे थे… मैने दोनो दूध अपनी मुट्ठी मे दबोच लिए और उन्हे बेरहमी से मसल्ने लगा…किरन—आआहह… हाअ… ऐसे ही खूब ज़ोर ज़ोर से मीस मेरे दूध… मेरी हमेशा से ख्वाहिश थी कि तू मुझे खूब बेरहमी से चोदे… खूब ज़ोर ज़ोर










