उसका दर्द कम हुआ तो मैंने देखा कि उसकी चूचियों में कसाव आ रहा है, शायद अब एक मर्द की छुअन से वो भी गर्म हो रही थी। उसने प्यार से मेरी एक चुम्मी ले ली। अब तो मैं उड़ गया, मैंने भी उसका जवाब दिया चुम्मी से और मेरा हाथ उसकी बड़ी चूच पर था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मैंने एक चुम्मे के बदले उसके ऊपर चुम्मों की बरसात कर दी अब वो पूरी तरह से मेरी बाँहों में थी। उसकी आँखें बंद थी और साँसें गर्म थी। अब वो जवानी का भरपूर मज़ा ले रही थी। मैं उसे चूमे जा रहा था और उसकी चूचियों को मसलता जा रहा था। अब किरन पूरी तरह से मेरा साथ दे रही थी।मैंने ज़्यादा समय ना लगते हुए तुरन्त किरन की सलवार में हाथ डाल दिया। वो कुछ नहीं बोली। अब मेरा हौसला और बढ़ गया और मैं उसकी चिकनी चूत को सहलाने लगा। उसकी चूत पहले से ही गीली हो रही थी और अब तो मेरा भी लंड थोड़ा पानी छोड़ने लगा था। मैंने तुरंत अपने पैंट की चेन खोल कर लंड बाहर कर दिया और किरन का हाथ अपने कड़क लंड पर रख दिया।पहले तो वो थोड़ा सा कसमसाई, पर मेरा 7 इंच का बड़ा लंड उसने अपनी पूरी मुट्ठी में पकड़ लिया और सहलाने















