आप कुत्छ कर रहे थे अभी?”लेकिन पापा ने जवाब देने की बजाए मुझे हाथ पकड़ कर अपने साथ बेड पर बिठा लिया.“पापा आप ने कुत्छ नही पहना… मुझे शरम आती है.”यह कहते हुए मुझे खुद अपने बारे मैं एहसास हुआ के मैं ने भी गर्मी की वजह से सिर्फ़ एक थी सी, सी-थ्रू क़िसम की टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहनी हुई थी. XXX Hindi बिल्कुल ब्लू बॅंड मार्जरिन की तरह.. मेरी चीख सुन कर पापा ने मुझे प्यार करते हुए कहा: “जानू, पहली पहली बार दर्द होता है, 2 मिनिट मैं यह दर्द ख़तम हो जाए गा, और फिर मज़ा आने लगे गा. रात से मैं जिस सिचुयेशन से गुज़र रही थी, ये मेरी लाइफ की सूब से थ्रिलिंग सिचुयेशन थी. यहाँ तक के मेरी चूत को भी आराम से और मुझ से पूछ पूछ कर चोदा, ताकि मुझे दर्द ना हो, तकलीफ़ ना हो. पापा के जिसम से लिपटने की वजह से मैं भी अपने यूरिन मैं गीली हो गई. ज़ोर ज़ोर से…. ज़ोर ज़ोर से…. छूटने वाली हून….”मेरी चूत ने पापा के लंड को ग्रिप कर लिया. अगर किसी लरके से प्यार हो भी जाता, तो भी मैं उसके साथ इतनी जल्दी सेक्स अफेर मैं नही जाती. बातरूम के अंदर जाते ही पापा ने मुझे अपने से लिपटा लिया. बेड पेर तो मुझे अपनी हाइट का अंदाज़ा नही हुआ , मगर खरे हुए










