मेरा नवीन के घर पर बहुत आना जाना रहता था. तो भाभी ने धीरे धीरे अपनी साड़ी का पल्लू हटाया, मेरे दिल की धड़कन तेज़ होने लगी थी.मेरी नजरे उनके बूब्स पर एकदम टिकी हुई थी. XXX Hindi और अब में पागल हो गया था क्योंकि में आज मेरी भाभी के बूब्स को हाथ लगा रहा था, जिस काम को में बहुत समय से करने की सोच रहा था.भाभी के बड़े बड़े बूब्स ब्लाउज में समा नहीं रहे थे, लेकिन मैंने ब्लाउज के ऊपर से ही बहुत ज़ोर ज़ोर से दोनों बूब्स को दबाया. मैंने कहा कि प्लीज़ प्लीज़ प्लीज़ प्लीज़ और फिर वो बोली ठीक है, लेकिन एकदम दूर से देखना उन्हे छूना मना है. और अब मेरा ध्यान उनके बूब्स पर था और तभी बातें करते करते मैंने जोश में आकर भाभी का हाथ मेरे हाथ में ले लिया.और भाभी एकदम चुपचाप हो गई और फिर मैंने कहा कि क्यों भाभी बुरा तो नहीं लगा? उनका जवाब देने का तरीका आज बिल्कुल अलग था. वो बोली कि में बिल्कुल ठीक हूँ. तो भाभी ने भी अपने दोनों पैर एक दूसरे से थोड़े अलग किए जिसकी वजह से मेरा पैर भाभी के जाँघो तक गया और मैंने ज़ोर से पैर को अंदर डाला. और फिर में भाभी के पास बैठ गया उस समय वो कुछ लिख रही थी.










