जिस तरह उसने मेरा एक सेकंड में नारा खोला उससे मैंने अंदाजा लगाया की वो कई लडकियों के नारे खोल चुका होगा और उनको चोद चूका होगा. रणविजय बड़ी देर तक मेरी चूत पीता रहा.मेरे चूत के दाने को अपने दांतों से चूम चूमकर खींचता नोचता रहा. हिंदी XXX रणविजय मेरी चूत पर झुक गया और जीभ निकाल निकाल कर मेरी चूत पीने लगा. रणविजय मेरी चूत की सील टूटने के अवसर पर मुस्कुरा दिया.‘मीरा !! कोई भूचाल सा मेरी चूत में आ गया था.मैंने कमर में एक बड़ी सेक्सी करधन पहन रखी थी. रणविजय मेरे गोल गोल आम की तरह लटकते मम्मे को सहला रहा था और दबा रहा था. मैं नीली रंग की झीनी बड़े हल्के कपड़े वाली पेंटी पहन रखी थी.रणविजय ने दुसरे सेकंड में मेरी पेंटी निकाल दी और सोफे के एक साइड रख दी. वो कसरती बदन का जवां लड़का था. मैं डर गयी‘रणविजय !! जैसे चूत ना हो कोई शहद की बोतल हो. बड़ी देर तक हम दोनों लैला मजनू इश्क लड़ाते रहे. रणविजय जोर जोर से मेरे दूध दबाते हुए मेरे होठ पीने लगा. कुछ देर बाद मेरा दर्द बिलकुल खत्म हो गया और मैं टांग और कमर उठा उठाकर चुदवाने लगी.मैं ऊऊऊऊ हूँ हूँ हूँ आआआ हा हा हा माँ माँ ओह माँ ओह माँ !















