पापा मेरे होठों पर मेरे चुचियो को सहला रहे थे मसल रहे थे।पापा पागलो की तरह मेरी गर्दन पर अपने होंठो को रख कर चुमने लगे तो मैंने कहा जी आआआआ आआआआ आआआ आआआ. XXX Hindi नहीं मैंने दीदी को कह दिया ही कि हम शनिवार को हैं उनके यहां आ रहे हैं.पापा मेरी आंखो मैं देख कर बोले जान जब सरकार ने कह ही दिया है तो इस गुलाम की क्या मजाल जो ना कर दे और अब अगर रानी साहिबा की इजाजत हो तो क्या मैं अपनी रानी को प्यार कर सकता हूं और मैंने पापा की आंखे मेरी आंखे दाल कर हल्के से मुस्कुराइए और बोली आप को रोका ही क्या प्यार करने से तो पापा मेरे ऊपर झुके और अपने होठों को मेरे होठों पर रख कर मेरे होठों को चूमने लगे।मैं भी पापा के नीचे लेटी उनके गले मैं बाहे डाले उनका साथ दे रही थी।मैं पापा की आंखो मैं आंखे डाले बड़े ही नशीले अंदाज मैं बोली, डार्लिंग क्या अपनी जान को सारी जिंदगी ऐसे ही प्यार करते रहेंगे तो पापा मेरे होठों कोचूमते बोले मेरी जान हो तुम हम भले ही दो जिस्म ही लेकिन जान तो एक ही.अब मेरे चूचे भी नाइटी की क़ैद से आज़ाद होने के लिए तड़प रहे थे जी तभी पापा अपना हाथ मेरी नाइटी की डोरी पर रख दिया और मेरी















