ऊह्ह…. और जीभ चूत पर लगाने से उनकी चूत से और पानी निकलने लगा.. XXX Hindi ख़ुद ही अपने हाथ से आग बुझा ले..तीसरे दिन, पापा और कामेश्वर नाश्ता करके अपने काम पर चले गए मै लेता था.. लंड को मै सहला रहा करीब २० मिनिट के बाद भाभी बेडरूम का दरवाजा खोल के मेरे रूम मे आई उसने आते ही मुझसे कहा राजीव आज मेरी पूरी प्यास बुझा दो मेरी चूत को तुम्हारे मोटे लंड से तृप्त कर दो..मैंने भाभी को अपने बिस्तर पर मेरे ऊपर खीच लिया मै तो नंगा ही था, भाभी ने मेरे लंड को महसूस किया मै उन्हें चूमने लगा. अंदर ब्रा नही पहना था शायद कामेश्वर से चुदवाते हुए वो पहले ही खोल चुकी थी..मैंने उनकी साड़ी भी खोल के नीचे फेंक दिया..अब सिर्फ़ पेटीकोट मे थी वो.. मै उन्हें चूमे जा रहा था और चुन्चिया मेरे हाथो मे थे.. थोड़ी देर मैंने उनकी चूची मसली चुम्बन किया उनकी चूत सह्लायी..भाभी भी मेरे लंड को सहला रही थी.. राजीव.. और भाभी..उईई..माँ… कर के उछल पड़ी मैंने अब लंड को धीरे धीरे अन्दर घुसाने लगा लेकिन चूत बहुत टाईट थी.. और तेज. मैंने भाभी से कहा तुम अपनी चूत मेरे मुँह के ऊपर रखो.. वो लेथ मशीन का ओपेरटर था.. थोड़ा चूसने के बाद मैंने भाभी को चार पाया बनाया और पिछे से चूत में लंड डाला… इस बार















