पर वो कहने लगी नही सर मैं नही जा सकती मेरे पापा कही भी जाने नही देते अगर आप कुछ बहाना बना सकते हो तो बात मैं करा दूँगी क्यों की आप टीचर हो कुछ बता देना मैं कहा ठीक है.उसने अपने पापा को फोन लगाया और मैने बात की, “तृप्ति कल हमारे कोचिंग की तरफ से एक कॉम्पीटिशन मे भाग लेगी, उसको कल बाहर जाना पड़ेगा, अगर आप कहते है तो ठीक है नही तो हमे किसी और को ले जाना पड़ेगा, क्यों की तृप्ति कह रही थी की पापा हमे जाने नही देंगे.तृप्ति के पापा ने कहा ” नही सर ले जाओ, पढ़ाई के लिए थोड़े ना मना करता हू, आपको तो पता है सर जमाना खराब है, इसलिए बच्चो को कह देता हू. हिंदी XXX वो तेज तेज साँसे ले रही ही और मैं उसको बेड पे सुला दिया और उपर चढ़कर मैं उसके फिर किस और चूच दबाने लगा.वो बोली “छोड़ो ना प्लीज़ क्या कर रहे हो, उपर से अपने कपड़े उतारो ना प्लीज़.”फिर मैने अपना कपड़ा उतार के मैं उसका भी पूरा कपड़ा उतार दिया अब तो क्या बताऊ क्या चीज़ थी, मस्त दो ३४ के साइज़ के चूच, पेट ऐसे लग रहा था जैसे कोई साउथ इंडियन हेरोईन हो, उसका कमर क्या बात थी यार, छोटे छोटे बुर पे बाल, और पूरा शरीर एक दम बेदाग.मैने उसके चूच















