उसमें से उनकी सफेद कलर की ब्रा भी साफ साफ दिख रही थी हाँ और जब उन्होंने दरवाजा खोला तो..में : हैल्लो आंटी क्या विपुल घर पर है?अनीता : विपुल तो इस समय घर पर नहीं है, लेकिन तुम कौन हो?में : में आंटी उसका एक दोस्त हूँ और मेरा नाम कबीर है.तो वो एकदम से चकित होकर मुझसे बोली.अनीता : कबीर अच्छा तो तुम हो, मुझे माफ़ करना में तुम्हे पहचान नहीं सकी, तुम अंदर आ जाओ ना.में : नहीं आंटी में बाद में आ जाता हूँ.अनीता : अब आ भी जाओ, वैसे भी तुम आज पहली बार आए हो और विपुल भी यहाँ पास में ही गया है, अभी कुछ देर में आ जाएगा.अब हम दोनों अंदर चले गये, आंटी ने दरवाजा बंद किया और फिर में सोफे पर बैठ गया. हिंदी XXX उन्होंने अपनी दोनों आँखे बंद कर ली थी और अब मेरे दोनों हाथ उनके बदन को मसल रहे थे.दोस्तों मुझे उनके बूब्स के बीच की वो सेक्सी दरार बिल्कुल पागल कर रही थी. में अब सिर्फ़ अंडरवियर में था और मेरा लंड बिल्कुल टाईट होने की वजह से अंडरवियर का टेंट बन गया था और आंटी ने भी अब उनका ब्लाउज और ब्रा को उतार दिया और वो अब मेरे सामने पेटीकोट में थी.में एक बार फिर से उनके एक साईड में लेट गया और अब फिर से उन










