मेरे नितम्ब पकड़ कर उन्होंने जोर से मुझे चोदा. XXX Hindi मैं ग्यारह साल की थी. जांघें मोटी गोल और चिकनी है. उन की शादी चार साल से सिमा भाभी से हुई है लेकिन अब तक संतान हुआ नहीं है.मेरे तरह सिमा भी बी.ए. मैंने इकोनॉमिक्स में बी.ए. जब लंड अंदर जाता है तब चूत का सिकुड़ा हुआ मुंह लंड की टोपी खिसका देता है.अंदर जाने के बाद चूत के स्नायुओं लंड को जकड़ लेते हैं. वो बोली “पगली तुझे पता नहीं है.” “नहीं तो मैंने तो ऐसा पहली बार देखा” मैंने कहा.सहेली शर्म से लाल लाल हो गयी मेरे कान में मुंह डाल के बोली “गधा गधी को चोद रहा था.” तब मैंने जाना की चुदाई क्या होती है. मत्थे के निचे टोपी चिपकी हुई है जिसे फ़्रेनुम कहते हैं. पिताजी गवर्नमेंट सर्वेंट थे हर थोड़े साल उन की बदली अलग अलग स्थानों पर होती रही. सबसे पहले मैं माता पिता की अकेली संतान हूँ. वो प्रसंग अभी भी याद है मुझे. रंग सांवला. रहने के वास्ते बड़ा दो मंजिल का मकान है. उस वक्त मेरे दिमाग में सेक्स का कोई ख्याल आया नहीं था.किस को खबर थी की एक दिन उस भोस को चोदने का सौभाग्य मुझे प्राप्त होगा नीलू को कच्ची कली में से खिल कर सुगंधीदार पुष्प बनते मैंने देखा है. कई बार ऐसा हुआ है की रवि झड़ नहीं पाते थे















