वो उठ कर चली गई, तो तौफीक बोला- अम्मी को साड़ी पहननी नहीं आती। मेरे लिए तो ये सबसे बड़ी काम की बात थी, मैंने उसको बोला तू पढ़ मैं पहना कर आता हूं और मैं भी उठ कर नीचे चला गया, मगर मैं बाथरूम के अंदर नहीं गया। बाहर बेड पे साड़ी रखी थी, मतलब ब्रा पेंटी और ब्लाउज़ पेटीकोट वो ले गई थी।थोड़ी ही देर में वो बाथरूम से बाहर निकली। “अरे यार!” मेरा तो मुंह खुला का खुला रह गया। कमर पे बंधा गहरे हरे रंग का पेटीकोट, पेटीकोट के ऊपर गोरा मांसल पेट और बीच में गहरी नाभि। पेट के ऊपर दो खूबसूरत संतरे जैसे गोल मम्मे। मैंने ब्लाउज़ का गला गहरा बनवाया था तो उसका काफी क्लीवेज भी दिख रहा था।मुझे देख कर वो एकदम से चौंक गई और अपने दोनों हाथ जोड़ कर अपने सीने के आगे कर लिए और ड्रेसिंग टेबल के स्टूल पर बैठ गई। मैंने कहा- बहुत हसीन, ऐसा हुस्न तो मैंने आज तक नहीं देखा। वो शर्मा गई- आप यहाँ! XXX Hindi मैंने उसके कान में कहा। वो मुस्कुरा दी, तो मैंने उसका मुंह अपनी तरफ घुमाया, फिर माथे पर, आँखों पर गाल पर नाक पर और फिर उसके होंटों पर भी चूमा। वो बिल्कुल शांत थी। मुझे उसके होंटों से जैसे रस टपकता सा लगा।मैंने उसका नीचे वाला होंठ ही अपने होंटों में










