रात के करीब १२ बजे होटल बंद करके वो मुझे अपने गाडी से ड्राप करने वो अपने घर चली गयी.दूसरे दिन वो फिर काफी सेक्सी पिंक कलर का टॉप और काप्री पहन के आयी उस दिन उनका ड्रेस काफी टाइट होने की वजह से गजब का लग रहा था, उनकी चुचिया साफ़ साफ़ दिख रहा था कितना बड़ा है पीछे से उनकी गांड उभरा हुआ और चौड़ा और गोल गोल चूतड़ मस्त माल लग रही थी.उस दिन ज्यादा कस्टमर होने की वजह से किचन काफी बिजी था, वो बार बार आ जा रही थी और मैं डिश बना रहा था, उस दिन ऐसा हुआ की आंटी एक दो बार गिरते गिरते मुझे पकड़ ली, उनकी चुचिया मेरे हाथ से दब रहा था, कई बार वो पार होने के लिए अपनी चूचियों को मेरे पीठ में रगड़ के पार हो रही थी हो सकता है ये जान बुझ के नहीं कर रही होगी क्यों की उस दिन काम काफी ज्यादा था, पर मेरा लंड बार बार खड़ा हो रहा था.फिर दिन में थोड़ा काम काम हुआ तो वो मेरे पास बैठ गयी और बात करने लगी. हिंदी XXX उत्सव के पापा दुसरा होटल बंगलुरु में खोलने बाले थे इस वजह से उनका बंगलुरु आना जाना सुरु हो गया और अब किचन में मैं और उत्सव की माँ ही रहते थे किचन में, उत्सव भी हैदराबाद















