एक बार मेरे दोस्त ने अपनी बर्थडे पार्टी में बुलाया. हिंदी XXX मैं दीदी की कमर को चुम रहा था और उनकी भारी चुत्तड़ो को मसल रहा था… मैं उनकी पतली सेक्सी कमर को हर जगह किश कर रहा था और अपने हाथो से उसकी सॉफ्ट गांड को दबा रहा था..फिर मैंने दीदी की पेटीकोट भी उतार दी.. दीदी की चूचियों को चूस चूस कर मैं चोद रहा था.. मेरे से अब बर्दास्त नहीं होता… मैं मर जाऊँगी भाई ऐसे तो…मैं:ऐसा मत बोलो दीदी… आपको मैं इस हालत में नहीं देख सकता…दीदी: भाई अब तू ही कुछ कर सकता है..मैं: मतलब दीदी…दीदी: भाई मेरे बदन की आग को तेरे जैसा जवान मर्द ही बुझा सकता है…मैं: ये क्या बोल रही हो दीदी…दीदी: हाँ भाई… जब से तेरा मोटा लौड़ा देखा है… मेरे बदन में आग लगी हुई है…तू अपना लंड मेरी बूर में डाल दे और भोग ले मेरा अपनी बहन का बदनमैं: पर आप मेरी बहन हूँ..दीदी: भाई अपनी बहन की जवानी बचा ले…दीदी मुझे किश करने लगी.. ब्लाउज का गला काफी बड़ा था जिससे क्लीवेज पूरा दिख रहा था…दीदी मेरे से चिपक कर बैठी थी पर मेरा पूरा ध्यान तो उनकी अधनंगी चूचियों पर ही था… मैंने दीदी से पूछा..मैं: दीदी मुझे पता चल गया जीजाजी आपको टाइम नहीं देते इसलिए आप दुखी रहते हो..















