अब तेरी मुठ वाली बात को मैं किसी को नही बोलूंगी” मैंने कहा। अब विशेष मेरे गांड के भूरे छेद को ध्यान से देखने लगा।मेरे हसबैंड मेरी गांड अक्सर चोदते थे इस वजह से थोडा छेद बड़ा था। गांड की सिलवटे विशेष को साफ़ साफ़ दिख रही थी। विशेष झुक गया और अब जीभ लगाकर मेरी गांड के छिद्र को चाटने लगा। मुझे अलग तरह की अनुभूति होने लगी। विशेष तो चाटता ही चला गया। मुझे पुरे बदन में सिहरन होने लगी।अपनी बीच वाली ऊँगली उसने गांड में घुसानी शुरू कर दी तो मैं “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” करने लगी। अब विशेष की आधी से जादा ऊँगली मेरी कसी गांड के छिद्र में घुस गयी और वो और अंदर घुसाने लगा। मैं यौन आनन्द और सुख में डूब गयी.“भतीजे!! हिंदी XXX मेरी चूत में ही एक साथ ऊँगली करो!!” मैंने कहा.अब विशेष ने दूसरी ऊँगली चूत में घुसा दी और अब तो मैं डबल डबल मजा लेने लगी। इस तरह वो दो दो छेदों में 2 2 ऊँगली चलाने लगा तो मैं तडप गयी और दोनों छेदों में अजीब सी हलचल होने लगी। मैं धैर्य करके कुतिया बनी रही। मेरा भतीजा मेरे साफ और सेक्सी गद्देदार कुल्हे हो बार बार दुसरे हाथ से सहला सहलाकर किस कर रहा था।इस तरह मुझे जवानी का भरपूर सुख और संतुस्टी दे रहा था।















