में पुणे में आयुर्वेद थेरेपिस्ट का काम करता हूँ, इस काम ने मुझे बहुत कुछ दिया है. हिंदी XXX अब में उसे आराम से चोदने लगा, अब उसकी चूत गीली होने के कारण और मजा आ रहा था.अब उसके मुँह सिर्फ़ एयए हहूऊ वूओव फुक ऊऊऊओ की आवाज़ निकल रही थी. अब मुझे उसके आधे चूतड़ नज़र आ रहे थे और कुछ देर तक मालिश करते-करते सलवार और नीचे कर दिया.अब में उसको पॉइंट मसाज देने लगा और पीठ पर मसाज करते-करते कभी मेरा हाथ उसकी गांड की दरार में चला जाता. फिर करीब 10 मिनट तक चोदने के बाद में नीचे लेट गया और वो मेरे ऊपर आ गयी और मेरे लंड को अपनी चूत में डालकर ऊपर नीचे होने लगी. अब उसका दर्द के मारे बुरा हाल था, फिर कुछ देर रुकने के बाद में धीरे-धीरे अंदर बाहर करने लगा. फिर मैंने धीरे से उसकी चूत के दाने को चूसा और अपनी जीभ अंदर बाहर करने लगा, अब में उसकी चूत को चाटता रहा.फिर कुछ देर के बाद उसने फिर से आवाज़ निकालना स्टार्ट कर दिया ओूऊऊऊऊव सस्स्स्सस्स साआआअ वूऊव्व्व हूऊओ यससस्स. अब में उसके पेट का मसाज कर रह था, अब में मसाज करते- करते कभी चूचि को भी दबाता और अब वो सिर्फ़ सिसकारियाँ ले रही थी.















