बात यह थी कि मैं रात को बाहर नहीं जा सकती थी इसलिए वो संभव नहीं था। मेरी शादी को लगभग दो महीने होने वाले थे.. XXX Hindi माल बन कर गई थी न.. उसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और मेरे होंठों को हल्के से चूम लिया। मैं कुछ कहती.. डिनर पर.. उसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और मेरे होंठों को हल्के से चूम लिया। मैं कुछ कहती.. उसके घर पर उसका पूरा परिवार है.. बहुत ही खूबसूरत। मैं मुस्कुरा दी।हम दोनों उसके घर पहुँचे.. सबने खाना खाया और उसके परिवार वाले पूजा के घर को जाने लगे। तो संजय बोला- मम्मी मैं नाजिया को लेकर आ जाऊँगा.. आप गाड़ी भेज देना। वो लोग चले गए और घर पर सिर्फ मैं और संजय रह गए थे। मुझे लगने लगा कि पूजा सही कह रही थी.. तू तो एकदम फ्रेश माल है.. मैं अभी 1 घंटे में आती हूँ। ऐसा कह कर वो चली गई.. फिर उसने मेरी चूत पर अपनी जीभ रख दी.. पर वो मुझसे वजन में इतना भारी था कि मैं उसको हिला भी नहीं पाई और छटपटा कर रह गई। मैंने उससे विनती की- मुझे छोड़ दे.. मैं जाती हूँ। जैसे ही वो गई.. अब करो भी..संजय बोला- जानेमन इतनी शानदार चूत.. संजय के साथ हूँ.. तो वो मुझे किस भी करता था और सेक्स की मांग करता था..















