मैं तुम्हारे हाथ जोडती हूँ” मैं आसू बहाकर कहने लगी.उस बहनचोद को मुझे दर्द में रोते हुए देखकर बड़ा आनन्द मिल रहा था। जल्दी जल्दी उसने अंगूठे से मेरी गांड चोद डाली। फिर जीभ लगाकर चाटने लगा। मेरे दोनों चुतड पर चटाक चटाक उसने मारना चालू कर दिया। मेरे चूतड़ किसी तरबूज की तरह लाल लाल हो गये थे।“भाई!! “ohh!! XXX Hindi कही कोई आ ना जाये” संतोष डरकर कहने लगा.“कोई नही आएगा। सब लोग दोपहर की नींद ले रहे है” मैंने कहा.“तुम बड़ा मस्त लंड चूसती हो” वो बोला.“अपने पुराने बॉयफ्रेंड्स का मैं इसी तरह से चूसती थी। उसके बाद ही चुदाती थी” मैं बोली.उसके बाद हम दोनों का किस चालू हो गया। मैं उसके उपर लेट गयी और हम दोनों बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड बनकर किस करने लगे। वो भी अब पूरे जोश में आ गया था। वो मेरे ओंठ को लेकर पीने लगा। मैं नाक से गर्म गर्म सांसे छोड़ रही थी। फिर मेरे ताऊ के लड़के ने मेरा सलवार सूट उतार दिया। मेरी ब्रा और पेंटी खोलकर मुझे अच्छे से नंगा कर दिया।“वैशाली!! .ऊँ…ऊँ” मैं कहने लगी.मेरे ताऊ के लड़के ने मेरी चूत के दाने से छेड़छाड़ शुरू कर दी और उसे भी काटने लगा। मुझे लगा की मैं मर जाउंगी। मेरे पूरे बदन में गर्मी छिटकने लगी। मैं पसीना पसीना होने लगी। संतोष मेरी नर्म चूत को अपनी गर्म जुबान से















