वो.. आपकी इज़्ज़त पे आंच नही आने देगा ये शक्ति, चाहे उसके लिए मेरी जान क्यों न चली जाये।मालकिन – चलो गाड़ी चलाओ मुझे अभी घर जाना है।शक्ति – जो हुक्म मालकिन।शक्ति गाड़ी लेकर हवेली आ गया पर सारे रास्ते में मालकिन रोती रही।निलंजना – क्या हुआ मालकिन आपका चेहरा उत्तरा उत्तरा सा क्यों लग रहा है?मालकिन – नही कुछ नही निलंजना।निलंजना – क्या हुआ मालिक की याद आ गयी क्या ?मालकिन – हाँ कुछ ऐसा ही समझ लो। तुम जाओ और शक्ति को मेरे कमरे में भेजो।निलंजना ने शक्ति को भेज दिया।शक्ति – आपने बुलाया मालकिन?मालकिन – हाँ शक्ति आओ और आते वक़्त कमरा अंदर से बन्द करते आना।शक्ति ने ज्यादा सवाल नही किये और आकर उनके बेड के पास खड़ा हो गया।शक्ति – बोलो मालकिन क्या हुक्म है मेरे लिए?मालकिन – देखो शक्ति तुमसे एक बात करनी है।शक्ति – हां जी फरमाइए।मालकिन – तुम्हारे पुरखो ने हमारा कितना क़र्ज़ देना है? XXX Hindi क्या नई मुसीबत है, ठीक है पहले नहाकर आओ कपड़ो का बन्दोबस्त मैं करती हूँ।शक्ति – ठीक है मालकिन।करीब आधे घम्टे बाद शक्ति नहाकर आ जाता है.मालकिन – ये लो शक्ति तुम्हारे साब जी के कपड़े है ध्यान से हिफाज्त करना इनकी फटने नही चाहिए. और एक बात किसी को ऐसा न महसूस होने देना के तुम हमारे नौकर हो, हमे आज नए अस्पताल में जाना है। उनसे ऐसे वयवहार करना















