और हां, तुम्हारे साथ ही वापस भी आएगी.मेरा मन तो बल्लियों उच्छलने लगा पर मैं अपनी खुशी को छिपाते हुए बोला, कि इसमें खुश खबरी वाली क्या बात है. तो क्या देखा? हिंदी XXX थोड़ी ही देर में उस का हाथ मेरे चूत को मसालने लगा. मैं अपनी चूत को ज़ोर ज़ोर से उसके हाथों पर र्गादने लगी.मैं ने अपना एक हाथ उसके चूची पर रख कर उसके चूची को मसलना शुरू किया और दूसरे हाथ को पेटीकोत के अप्पर से ही उसके चूत पर रख कर दबाने लगी. उनके कोई औलाद नहीं पर मियाँ बीवी अपने आप में बहुत खुश हैं और दोनों ही बहुत मिलनसार हैं.धुमन भी सरकारी नौकरी में है और महीने में 20 दिन तो वह काठमांडू में ही रहता है. मैं हमेशा कल्पना किया करता था कि सविता भाभी को जम के चोदू और सविता मेरी भी मेरी बीवी जैसी दोस्त बन जाय और उन दोनों औरतों को एक साथ चोदू.आख़िर मुझे मौका मिल ही गया. मैं घर में भी उसे कभी कभी साली साहिबा कह के छेड़ा करता था तो मैने उससे मज़ा लेने का सोच लिया.मैने अपने हाथ एक दूसरे से क्रॉस कर लिए और एक हाथ से उसके बूब को हल्के से पकर लिया.















