क्या तेरी कोई गर्लफ्रेंड है???” माँ अब शांत होकर बोली.मैंने पूरी बात बताई की किस तरह मैंने कुछ दिन पहले उनको बाथरूम में चूत में ऊँगली करते देख लिया था। माँ बार बार कह रही थी की काश कोई उनको कसकर चोद डाले। मैंने पूरी बात बताई तो वो शांत हो गयी। मैंने जल्दी से अपनी पेंट खोल दी और नीचे सरका दी। मैं नही चाहता था की माँ मुझसे शर्म करे या अपना विचार बदले।मैं तो बस यही चाहता था की माँ बस आज रात मुझे अपनी बुर चोदने खाने के लिए दे दे। अपनी पेंट नीचे सरकाने के बाद मैंने जल्दी से अपना अंडरविअर भी नीचे सरका दिया और मेरा ८”” का मोटा लंड साफ साफ माँ को दिखने लगा। उनका ध्यान अब बट गया और पूरी तरह से अब वो सिर्फ और सिर्फ चुदाई के बारे में सोचने लगी। ये कहना गलत नही होगा की बार बार माँ किसी न किसी बहाने ने मेरे लंड को देख लेती थी।“नही बेटा सोनू….ये सब गलत होगा…..मैं तुम्हारी माँ हूँ….तुम कैसे मुझको चोद सकते हो??” माँ परेशान होकर बोली.“माँ…..तुम जवान हो और माँ जवान हूँ। बाकी चीजो से क्या फर्क पड़ता है। वैसे ही हम अपने घर में चुदाई करेंगे…कौन किसी को पता लगने वाला है!!” मैं बोला और माँ के बगल ही उसके बिस्तर पर मैं बैठ गया।वो “नही बेटा….नही बेटा…”















