और 4 दिन तक यहीं रहेगा और वैसे भी तू आज बहुत सुंदर लग रही है.. हिंदी XXX अब तो तुम सुबह ही आ पाओगी..’ ‘हाँ..’ ‘ओके.. हम लोगों ने एक-दूसरे से बात की.. और उसने मेरे हाथ हटा दिए.. पर मैं नहीं मानी.. उसको देख कर मेरे चेहरे पर एक मुस्कान सी आ जाती थी। यह बात पूजा समझ रही थी। एक दिन उसने मुझसे कहा- संजय तुझसे दोस्ती करना चाहता है। मैंने तुरंत हामी भर दी.. मेरी ‘आहें..’ निकलने लगी थीं.. जो इतना मस्त माल छोड़ कर दुबई चला गया। मेरी जान तुमको थोड़ा दर्द होगा.. उसने धीरे से मेरी सलवार के नाड़े को खोल दिया। मुझे तब पता चला जब मेरी सलवार नीचे सरक गई। फिर उसने मुझे सँभलने नहीं दिया।उसने मेरे कान के नीचे से चूमते हुए मुझे उठाया और बिस्तर पर लिटा दिया और मेरे चूचों को चूसने लगा और दबाने लगा। मैं अपने होश खोने लगी थी.. देखा जाएगा। तो पूजा बोली- ठीक है मेरी जान.. और 4 दिन तक यहीं रहेगा और वैसे भी तू आज बहुत सुंदर लग रही है.. पर अपने पति का ख़याल मुझे बहकने नहीं दे रहा था।संजय मुझे अपने कमरे में ले गया कमरे में अँधेरा था.. उसके बाद उसने मेरा फ़ोन नंबर ले लिया और वो चला गया। हमारी फ़ोन पर बात शुरू हो गई..















