हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” बोलकर उससे चुदवा रही थी।““ohh!! fuck me hard ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी…” मैं मचल मचल कर कहने लगी.वो चूत में गचा गच धक्के देने लगा। फिर मेरी बायीं चूची को हाथ से पकड़ लिया और दबा दबाकर मुझे चोद रहा था। मुझे अत्यधिक सुख की प्राप्ति हो रही थी। मेरा रोम रोम उसने सहवास करके खिला दिया था। फिर वो बायीं चूची को मुंह में लेकर चूसने लगा और साथ में मेरी ठुकाई भी कर रहा था। मैं जन्नत का मजा लूट रही थी।“बहुत अच्छा चिंटू!! हिंदी XXX ….. भतीजे को दूध पिला दो, फिर मुझे चूत दो” चिंटू बोला.मैं तो चौंक गयी।“तू तो ऑफिस जा रहा था ना??” मैं पूछने लगी.“आज छुट्टी मार रहा हूँ। तुम्हारी चूचियां देखकर दिमाग घूम गया है। मुझे आपकी चूत अभी चाहिए” चिंटू बोला.फिर उसने पराठे खाना भी बंद कर दिया। और अपनी पेंट खोलकर लंड बाहर निकाल दिया और जल्दी जल्दी मुठ देने लगा। देखते ही देखते चिंटू का लंड 8 इंची लम्बा हो गया और काफी फूल गया।“कुछ तो शर्म करो। अपने भतीजे के सामने ऐसा मत कहो” मैं कहने लगी.“ये मेरा भतीजा नही लड़का है” चिंटू कहने लगा.उसके बाद मेरा बेटा दूध पीकर सो गया। उसे मैं गोद में उठाकर कमरे में सुला आई। फिर हम दोनों ही बेडरूम में चले गये। मैं बेड पर बैठ गयी और चिंटू मेरे पास आ















