मैं भी ऐसा हो चाहती हूँ। आज तुम मेरी चूत और गांड दोनों फाड़ डालो!! हिंदी XXX तेरा भोसड़ा तो मस्त है रे!!” सर बोले.“तो चाटो न जान!” माँ बोली.उसके बाद सर भी किसी कुत्ते की तरह टूट पड़े और जल्दी जल्दी मुंह लगाकर मेरी छिनाल माँ का भोसड़े चाटने लगे। माँ जोर जोर से“आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” करने लगी। वो जीभ निकाल निकालकर चाटने लगे और चूत को खा जाने के मूड में दिख रहे थे।माँ के चूत के दाने, चूत के ओंठो को ऐसे चाट रहे थे जैसे कोई मलाई हो। माँ अब कामुकता और वासना में लम्बी लम्बी सिसकारी ले रही थी। फिर बृजेश सर ने पहले 1 ऊँगली चूत में घुसा दी और अंदर बाहर चलाने लगी। फिर 2 ऊँगली चूत में घुसा दी और जल्दी जल्दी अंदर बाहर करने लगा। “Desi Randi Chut Chudai”माँ“….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” करने लगी। उसकी हालत बिगड़ रही थी। वो अपनी गांड बार बार बड़ी उपर तक कर रही थी। “तेरी माँ की चूत साली!! कल रातभर तुम्हारी याद करके चूत में ऊँगली करती रही” माँ बोली.“ऊँगली क्यों की। मैं तो आज तुमको चोदने आ ही रहा था” बृजेश सर बोले.“तो चोदो न जान!!















