मेरी इस बात से वो घबरा गए. मैं बिना रुके धकापेल धक्के मारता जा रहा था.वह ‘ऊऊऊहह. हिंदी XXX इसके बाद तो जब भी हम दोनों को मौका मिलता था, हम सेक्स करते थे. लेकिन तभी मैंने सोचा कि किसी दूसरे का मज़ा क्यूँ खराब करूँ तो इसीलिए मैं वापिस से नीचे आ गया. कुछ देर बाद मैं उठा. उसने मेरा लंड देखते ही लपक लिया चूसने चाटने लगी. ये पक्का मालूम है.मैंने बोला- ठीक है, मैं मदद की पूरी कोशिश करूँगा.अब मेरे दिमाग में उसकी तस्वीर कुछ दूसरी बनने लगी थी, लेकिन उसकी मदभरी आवाजें मुझे कुछ और सोचने पर मजबूर भी कर रही थीं. फिर मैंने उससे उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा कि वो क्या कर रही है. फिर मैंने उसको उठाकर टेबल पर बैठा दिया, तभी मेरी नज़र सिल्क चॉकलेट पर पड़ी. फिर मैं उसके कंधों को सहलाते हुए उसके करीब आया. उसने मेरा लंड देखते ही लपक लिया चूसने चाटने लगी. उस लड़की का नाम जैस्मिन था और वह मेरी सीनियर रह चुकी थी. मेरे सामने उन्होंने जैस्मिन को सॉरी भी बोला. मेरी इस बात से वो घबरा गए. लेकिन मुझसे दूर नहीं हुई. थोड़ी देर बाद मैंने सोचा कि क्यों ना क्लास में चलकर थोड़ा मैथ पढ़ लूँ. उसका 34-30-32 का फिगर मेरे लंड में हलचल पैदा कर रहा था, मुझे बार बार यही ख़याल आ रहा था















