भारतीय बहू का कामुक करवा चौथ का रात भर का मजा

मेरे मन में हलचल होने लगी थी. बातों बातों में आँचल ने बताया कि विजय ३ दिनों के लिए दिल्ली जा रहा है. XXX Hindi पर ज्यादा विरोध नही किया. उसने धीरे से उठ कर मेरे होटों का चुम्बन ले लिया. मुझे सिरहन सी उठने लगी. उसकी चुंचियां दबाने लगी. फिर उसका हाथ मेरी चूत की तरफ़ बढने लगा.मैंने अपनी टांगे थोड़ी सी और चौड़ी कर दी. मेरी इस कहानी की नायिका आँचल है. उसके होंट अब मेरे होंट से जुड़ गए. वो ये सब बताते हुए उत्तेजित भी गयी.मुझे इन सारी बातों का कोई अनुभव नहीं था. मैं बड़े शौक से ये सब सुनती रही और रोमांचित होती रही. वो मेरे निचले होंट को चूस रही थी और काट भी लेती थी. उन दोनों ने कैसे अपनी सुहाग रात मनाई और …. शाम को ८ .३० पर विजय की गाड़ी थी. उसका हाथ मेरी चूत को सहला रहे थे. मैंने उसे अपनी स्वीकृति दे दी. हाय राम! हाय राम! आँचल ने अपने कपड़े भी उतार दिए. मेरी इस कहानी की नायिका आँचल है. फिर उसने अपनी जीभ मेरे मुंह में घुसा दी. उसकी चुंचियां दबाने लगी. मैं रात को सोते समय पेंटी और ब्रा नहीं पहनती हूँ. ये सोचते सोचते मैं जाने कब सो गयी. गाण्ड में घुसा दे! हमने घर आकर अपने रात को सोने के कपड़े पहने.

भारतीय बहू का कामुक करवा चौथ का रात भर का मजा

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