फिर मैंने बहुत साहस किया.लेकिन जैसे ही सौरभ का लंड मेरे अंदर आया में तो बहुत ज़ोर से चीख पढ़ी और अब में खड़े होने की नाकाम कोशिश करने लगी, लेकिन अभिषेक ने मुझे कसकर पकड़ लिया और ऊपर से भी ज़ोर से झटका देकर मुझे सौरभ के खड़े बड़े 9 इंच के लंड पर दे मारा.में तो ज़ोर से चीख पड़ी अह्ह्ह्हह्ह्ह् अह्ह्हह्ह्ह्ह ऊउईईईईईई माँ, अभिषेक ने मुहं पर हाथ रख दिया जिससे आवाज़ बाहर ना जाए और बोला कि जल्दी जल्दी धक्के लगाओ अच्छा लगेगा. में एकदम सन्न रह गयी थी, लेकिन मुझे उसका छूना बेहद अच्छा लगा.मैंने उसके आगे फिर कुछ नहीं सोचा, लेकिन आज जब भी सोचती हूँ तो धक्का लगता है, लेकिन उस समय में बहुत बेबस थी और कुछ सोचना ही नहीं चाहती थी और इतने में दूसरा लड़का भी अंदर आ गया उसने मुहं पर अपनी एक उंगली रखते हुए शीईईईइ कहते हुए मुझे चुप रहने को कहा.और फिर नज़दीक आकर बोला कि मेरा नाम अभिषेक है और यह सौरभ तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो, क्योंकि किसी को कुछ पता नहीं चलेगा. हिंदी XXX फिर वो दोनों अब अपने अपने कपड़े पहनने लगे और मैंने भी अपने कपड़े पहन लिए. खेर अब यह सब बताने की ज़रूरत नहीं है मैंने कभी मेरे पति के मुहं से मेरी अपनी तारीफ नहीं सुनी और मेरे पति को चाहिए















