तो मैंने कहा अगर रात भर में ज्यादा हो गया तो तो बोली गरम पानी और नमक से शेंक कर बाम का मालिश कर लेते है आराम हो जायेगा.मैंने कहा क्या मैं गरम पानी से शेंक लगा दू, तो बोली हां गरम पानी ले आ, मैं रसोई से गरम पानी लेके आ गया, पर मैं उनके कमर पे शेकै करता कैसे, तो मैंने कहा चाची जी मैं कैसे करूँ तो वो अपनी नाईटी ऊपर कर दी कमर के ऊपर, निचे वो पेटीकोट पहनी थी.तो मुझे बस पीठ का हिसा ही दिख रहा था, गरम पानी का शेंक करने लगा, पर मेरा हाथ उनके गोर बदन को जैसे ही टच करता था मेरा लंड सलामी देने लगता था, करीब रात के १२ बज गए थे, मैं उनके लिए आलमारी से बाम लाया और उनके कमर पे मालिश करने लगा.मैं मालिश कर रहा था, मैंने पूछा चाची अब कैसा लग रहा है, पर वो कुछ भी नहीं बोली, वो सो चुकी थी, अब मेरा हाथ का स्पर्श का तरीका चेंज हो गया, मैं उनके पीठ को कमर को सहलाने लगा धीरे धीरे करीब पन्दरह मिनट में ही मेरा लंड और भी टाइट हो गया था.मैंने चाची के पति कोट का नाड़ा खोल दिया और थोड़ा बाम लेके पीछे से उनके उभरे हुए चूतड़ पे लगाने लगा, धीरे धीरे मैंने उनके पेटीकोट को निचे सरका















