खाओगी क्या?” वो सिर्फ मुस्कुरा कर रह गई। मैं पीछे मुड़कर लिंग धोने लगा तभी उसने सीट से खड़े होकर शावर चला दिया।हम दोनों के बदन इतने गरम थे कि लग रहा था शावर का पानी भाप बनकर उड़ जायेगा। मैंने पानी से तृप्ति के दोनों स्तनों को साफ किया, और अपनी बात तृप्ति के सामने रखी…”यार तुम इतनी सुन्दर हो, ऐसे लगता है जैसे साक्षात् अप्सरा धरती पर आ गई हो, पर नीचे देखो बालों का कैसे झुरमुट पैदा कर रखा है तुमको अपनी सफाई का ध्यान रखना चाहिए।”तृप्ति बोली, “मुझे नहीं पता था कि आप मेरे साथ ये सब करने वाले हो, और बहुत दिनों से समय नहीं मिला सफाई का घर जाकर करूंगी अब।”मैंने कहा, “तुम रूको मैं अभी अपनी शेविंग किट लाता हूँ और सफाई कर देता हूँ।”वो शर्माते हुए बोली, “जो कर चुके हो वो कम है क्या जीजा जी?”तब तक मेरी शेविंग किट मेरे हाथों में आ चुकी थी। मैंने शेविंग क्रीम, ब्रश और रेजर निकाला, तथा तृप्ति को फिर से वैर्स्टन स्टाइल वाली सीट पर बैठने को कहा। थोड़ा सा ना-नुकुर करने के बाद तृप्ति सीट पर बैठ गई। वो पहले ही भीगी हुई थी इसीलिये क्रीम लगाने में समय नहीं लगा। मैं तेजी से क्रीम लगाकर झाग पैदा करने लगा। तृप्ति फिर से सीईईई…सीईईई…की आवाज निकाल रही थी।मैंने पूछा, “कुछ परेशानी है क्या?”“बहुत गुदगुदी















