जब सासू माँ जिन्दा थी तब क्या उन्हें भी आप इस तरह पसीने में भीगे देख कर डॉक्टर को बुलाने जाते थे?मेरे कथन के उत्तर में उन्होंने कहा- मैं यह सब जानता और समझता हूँ लेकिन तुम्हारी सास मेरी पत्नी थी।मैंने तुरंत कह दिया- लेकिन सासू माँ भी एक स्त्री थी इसीलिए तो वह आप की पत्नी बनी थी। आप अपनी पत्नी की नहीं एक स्त्री की कामवासना का इलाज़ करते थे और उसको संतुष्टि देते थे। मैं भी एक स्त्री हूँ जो उसी तरह की गर्मी और जलन से तड़प रही हूँ तो फिर आप मेरी कामवासना का इलाज़ करके मुझे संतुष्ट क्यों नहीं कर देते? हिंदी XXX मेरे खुले मुख को देख कर ससुरजी मुस्करा पड़े और उन्होंने बड़े ही आराम से अपने लिंग को उसके अंदर धकेल दिया तथा आहिस्ता आहिस्ता धक्के देकर अंदर बाहर करने लगे।मुख-मैथुन की क्रिया करते हुए लगभग पांच मिनट ही हुए थे जब मुझे उनके लिंग में से नमकीन पूर्व-रस निकलने का स्वाद आया तब मैंने उन्हें रुकने का संकेत दिया और अपनी दोनों टांगें चौड़ी कर दी। मेरा संकेत समझ कर वे तुरंत मेरी टांगों के बीच में बैठ गए और मेरी गीली योनि को चूसने एवं चाटने लगे।कभी वे मेरी योनि के होंटों को अपने मुहं में ले कर चूसते, तो कभी वे मेरे भगनासा को अपने होंटों एवं जीभ से मसलते और कभी










