भारतीय माँ की गर्म सपने

उसने अपनी ब्रा को उतार दिया और मुझे झुकाते हुए मेरे लबो पर अपने एक चूचक को लगा.मेरा मुह अपने आप खुल गया और जैसे स्तन पान करते है मैं उसके चूचक को चूसने लगा, मैंने उसके बदन में होते कम्पन को साफ़ साफ़ महसूस किया. शाम तक मैं घर पर ही रहा पर जैसे ही देखा ताऊ ने बोतल खोल ली है मैं खेतो पर आ गया वहाँ आके देखा मिश्री लौट आया था और मोटर चला के नहा रहा था.मैं- आ गया भाई.मिश्री- हां भाई बस थोड़ी देर पहले आया हु.मैं- बढ़िया.मिश्री- चाय पिओगे.मैं- हां.तो मिश्री के नहाने के बाद हम दोनो उसके कमरे में आ गए नीलम एक पल मुझे देख कर चौंक गयी पर अगले ही पल वो सम्भल गयी मिश्री के कहे अनुसार उसने चाय बनाई और मिश्री शहर की बाते बताने लगा. हिंदी XXX ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मैं- तू सुबह सुबह.नीलम- चाय लाइ थी.मैं- ला.मैंने उसके हाथ से कप लिया पर वो वही खड़ी रही तो थोड़ी मुश्किल सी हो गयी उस रात उसने मुझे देख लिया था तो हम दोनों ही कुछ बोल न पा रहे थे.पर अचानक वो बोली- दीपक उस रात.मैं- वो तेरा मामला है नीलम, तेरी निजी जिंदगी है तू जैसे चाहे जी पर गलती मेरी है मुझे ऐसे टांक झाँक नहीं करनी थी.नीलम- मेरी बात सुन

भारतीय माँ की गर्म सपने

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