ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मैंने कुछ देर बाद फिर से मोना के स्तनों पर हाथ रख दिया और अपने होंठ को उसकी गर्दन और पीठ पर छुआते हुए हौले हौले चूमने लगा। जब मोना की ओर से कोई विरोध नहीं हुआ तो अपने एक पैर से मोना की पिंडलियों को सहलाते हुए उसकी साड़ी को धीरे धीरे ऊपर की ओर सरकाते हुए जांघों तक ले आया.अब मोना की सांसों में एक हल्की सिसकारी सी निकल गई! मैंने उसके साड़ी अलग कर दी पेटीकोट ऊपर उठा दिया फिर पैंटी निकाल दी, ब्लाउज के हुक खोल दिए तो मोना के अमृत कलश बाहर आ गए!मैं उसे पूर्ण नग्न नहीं करना चाहता था, क्या पता कब मेरी बीवी की नींद खुल जाये! XXX Hindi मैं समझ गया कि मेरा तीर निशाने पर लग गया है, मैंने उसकी पीठ पर कई चुम्बन ले डाले, स्तनों को जोर से सहलाते हुए मसलने लगा. उसके बाद उसने अँधेरे में जैसे तैसे अपनी साड़ी लपेट ली और पलंग पर चली गई। मेरी दिली ख्वाइश थी कि उससे बात करूँ.उसे बता दूँ कि मोना मैं तुम्हें तुम्हारी शादी के पहले से बहुत चाहता हूँ, तुम्हें हासिल करने की तमन्ना मेरे दिल में उसी समय से थी पर कभी पूरा करने का मौका नहीं मिला, तुम्हारी शादी के बाद तो मैं तुम्हें पाने की उम्मीद ही खो















