कैसे उनसे कहूं कि बाजी में आपसे इतना प्यार करना चाहता हूँ कि आपके शरीर के अंदर खोकर आपकी आत्मा से लिपट के अपना सारा जीवन गुज़ार देना चाहता हूँ। बाजी मुझे अपनी आत्मा पे अपने शरीर पे पूरा पूरा प्यार दे। सवालों और इच्छाओं की लड़ाई ऐसे ही मेरे अंदर चलती रही और मैं अपने कॉलेज पहुंच गया।आज जन्नत भी कहीं नज़र नहीं आ रही थी। मैंने भी उसे फ़ोन कर नहीं पूछा कि वह कहां है। क्योंकि मैं अकेला रहना चाहता था। कॉलेज खत्म होने के बाद मैं बाजी को लेने के लिए उनके कॉलेज की ओर जा रहा था कि दीदी का मेसेज आया के ”रिजवान अब मत आना में समारोह की वजह से लेट हूँ। जब तुम्हे बुलाना होगा मैं मेसेज कर दूंगी” मैं फिर वहीं से घर की ओर चल पड़ा।घर पहुंच के अम्मी से मिला और अम्मी ने बाजी का पूछा तो उन्हें बताया कि बाजी लेट फ्री होंगी समारोह की वजह से। मैं अपने कमरे में आया और फ्रेश होने के बाद खाना खाने नीचे आ गया। अम्मी मेरे पास ही बैठ गई। खाने के दौरान अचानक मैंने अम्मी से सवाल किया कि अम्मी आपकी और अब्बू की शादी पसंद की थी या अरेंज मेरीज थी।अम्मी हँस पड़ी और कहा कि तुम्हें आज यह बात कैसे याद आई। मैंने कहा वैसे ही अम्मी आप बताएं















