मुझे उनके चेहरे से संतुष्टि साफ साफ नजर आ रही थी और वो मेरी चुदाई से बहुत खुश थी. XXX Hindi दोस्तों में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद में भोपाल में एक कंपनी में नौकरी करने चला गया. मुझे उनके चेहरे से संतुष्टि साफ साफ नजर आ रही थी और वो मेरी चुदाई से बहुत खुश थी. दोस्तों में उसकी बात जैसे ही खत्म हुई तुरंत उससे बोला कि प्रियंका में हूँ ना तुम्हारे पास, तुम्हारी सभी इच्छा को पूरा करने के लिए, तुम क्यों इतना परेशान होती हो और में तुम्हें बहुत प्यार करूंगा.भाभी बोली कि हाँ तो अब जल्दी से आ जाओ और में उनके होंठो पर किस करने लगा. मैंने बहुत इंतजार किया, लेकिन वो अब भी कुछ नहीं बोली और में उन्हें उसे हालत में छोड़कर जाने लगा.फिर भाभी मुझसे बोली कि रुको विक्रम और में तुरंत रुक गया. फिर मैंने एक दिन पाण्डेय जी को कहा कि यार आप मुझे दो महीने के लिए कोई रूम दिलवा दो.फिर वो मुझसे कहने लगे कि मेरे रूम के पास में एक रूम कुछ दिनों से खाली पड़ा हुआ है और अगर तुम कहो तो में वो रूम तुम्हें दिलवा दूँगा. मैंने कहा कि नहीं बस ऐसे ही लेटा हुआ था. अब वो झट से नीचे अपने घुटनों के बल बैठकर मेरे लंड को धीरे धीरे अपने मुहं में लेने लगी















