बस एक घंटे के लिए छोड़ दो फिर देखना की वो क्या क्या चिल्लाती है” उसने बहुत ही तीखे शब्दो में बोला.“चलो आज रात को देखती हूँ तू क्या क्या कर सकता है” मैंने कहा.रात को ससुर जी कही बाहर गए हुए थे। घर पर मैं देवर जी के साथ ही थी। मैंने उसे याद दिलाया दिन में की गयी बाते। वो भी मान गया मेरे को देखनें के लिएवो भी पूरे जोश में था। मेरे को देखने के लिए वो मेरे रूम में आ गया।“मान लो आज मैं तुम्हारी भाभी नही हूँ। आज मै तुम्हारे लिए एक लड़की हूँ। तुम्हारे सामने कोई लड़की बैठी हो तो तुम क्या क्या कर सकते हो! हिंदी XXX फिर दिखाता हूँ कौन किससे शर्म करता है” जन्मेजय ने बहुत ही उत्तेजित होकर कहा.मै उसे गर्म कर चुकी थी। अब वो लाइन पर धीरे धीरे आ गया था। वो मेरे को बहुत ही हवस की नजरो से देख रहा था।“मै कैसे मान लू की आज तुम्हारे अंदर मर्दानिगी का भूत जग उठा है” मैंने कहा.अब वो प्रूफ करने के लिए कुछ भी कर सकता था।“किसी लड़की को लाकर देख लो! .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की सिसकारी निकाल कर चुदने लगी। मेरी चूत में लगभग उसका पूरा लंड घुस गया।उसके लंड मेरी चूत मे हलचल मचा दिया। उसके बाद मेरी चूत में अपना पूरा लंड घुसाकर जोर जोर से चुदाई करनी शुरू कर दिया। मेरी चूत की चुदाई की















