मेरा नाम सार्थक है और में मथुरा का रहने वाला हूँ। तब में एक कॉलेज में पढ़ता था और मेरे सर का थोड़ी ही दूरी पर एक प्राईवेट एजुकेशन सेंटर था तो स्टूडेंट्स पेपर के लिए झाँसी जाते थे। तब एक स्टूडेंट की अपनी कुछ समस्या के चलते जाना नहीं हो पा रहा था और इससे उसका पूरा एक साल खराब हो सकता था. हिंदी XXX लेकिन इस बार में रुकने वाला नहीं था फिर मैंने और ज़ोर लगाकर लगभग पूरा लंड चूत के अंदर डाल ही दिया। लेकिन उसकी जैसे जान ही निकल गई। फिर में ऐसे ही उसके ऊपर लेटा रहा और उसे किस करने लगा उसके बूब्स पर, उसके होंठो पर, वो पांच मिनट में कुछ ठीक हो गई..फिर मैंने धीरे धीरे अपना काम शुरू किया। थोड़ी ही देर में वो अकड़ कर झड़ गई और ढीली पड़ गई.. वो अभी भी नंगी ही लेटी हुई थी। फिर मैंने जैसे ही उसके बूब्स दबाए मुझे फिर से जोश आ गया तो मैंने उसे दोबारा ट्राई करने के लिये लेटा ही लिया। इस बार मैंने उसके बेग से एक क्रीम निकाली और अपने एक हाथ से उसकी चूत और अपने लंड पर लगाकर लंड को चिकना कर लिया और फिर एक ज़ोर का धक्का लगाया.और फिर लंड आधा ही गया था कि उसकी हालत फिर वैसी ही हो गई..















