भारतीय हाथों की मसाज में है जादू, तन-मन को छू जाती है

संगीता थी। आप लोगों को दोंस्तों बता नही सकता हूँ, कितनी खुशि मिली।संगीता ने साइकिल स्टैंड पर खड़ी की। वो मेरे पास दौड़ कर आई। मैंने शाहरुख़ खान की तरह बाहे फैलाके उसका स्वागत किया चूत जो मिलने वाली थी। मैंने उसे खुशि से गले लगा लिया। कितने महीने लगे लौण्डिया पटाने में। आज गले लगी है।मैंने उससे साइकिल में ताला भरने को कहा। हम दोनों ढाबली में आ गये। मेरी ढाबली जादा बड़ी नही थी। अब एक नई चुनौती मेरे सामने थी। हम लोग पूरा पूरा आराम से लम्बा होकर नही लेट सकते थे। मुझे दिमाग लगाकर जुगाड़ से संगीता को मुर्गा बनना था यानि उसकी चूत लेनी थी।मैंने संगीता को बिलकुल से नन्गा नही किया। बल्कि मैं बड़े आराम से उसे धीरे धीरे पुचकार पुचकार कर चोदना चाहता था। वैसे भी उसका दिल एक बार टूट चुका था। सबसे पहले मैं बैठ गया। फिर मर्दाना बदन वाली संगीता को अपनी गोद में ले लिया।पहलवानी कसरती बदन वाली लड़की थी। जैसी ही मेरी गोद में बैठी, मेरी तो साँस ही अटक गई। बड़ी भारी थी दोंस्तों। पर मैंने किसी तरह संभाला। उसे अपनी गोद में बिठाया। वाह!! हिंदी XXX खूब हट्टी कट्टी लौण्डिया थी। खूब बड़े बड़े मम्मे थे। हम दोनों ने एक दूसरे को गले लगा लिया।मैं दावे से कह सकता हूँ की संगीता मुझसे प्यार करने लगी थी। पर मैं उससे

भारतीय हाथों की मसाज में है जादू, तन-मन को छू जाती है

Related videos