मैं सोच मे डूबा हुआ अपने रूम मे आ गया. XXX Hindi उपर की तरफ दोबारा हाथ चादर मे डाल कर उनकी एक चुचि अपने हाथ मे भर ली और धीरे धीरे दबाने लगा. मैने पीछे हट कर अपने खड़े लंड को लोवर मे अड्जस्ट किया और जाकर दरवाजा खोला,बाहर पापा थे, फ्रेंड्स के यहाँ से शायद थोड़ा ड्रिंक कर के आए थे. अपनी तो निकल पड़ी.मॉम और झरना के साथ तो रोज़ मज़े लेता ही था, हफ्ते भर मे 2 बार ममता को भी चोद आया था. थोड़ी लेट आउन्गी” नेहा के आने के बाद मैं लंच कर के सो गया.शाम को जब उठा तो फ्रेश होकर लॉबी मे आ गया. और उसके अगली रात मैं खुद ही बेटे के लौडा पर बैठ कर कुतिया बन गई…”मॉम ने झरना के बारे मे कुछ नही बताया.“कोई बात नही, सुनील ने भी अभी के सामने ही मुझे, अपनी मा को चोदा है और कुतिया बनाया है…”दोनो रंडियो की तरह बाते कर रही थी पर सुनील से अब कंट्रोल नही हो रहा था मॉम के चुतड़ों मे अपना लंड रगड़ते हुए वो बोला, “साली, तुम दोनो सिर्फ़ बाते ही करती रहोगी के चोदने भी दोगी…चल बेड पर, मुझे बर्दास्त नही हो रहा है…”उन्हे खड़ा होते हुए देख कर ममता बोली “चल अभी , हम भी देखे तेरी कुतिया कैसे चुदवाती है…” और हम भी खड़े होकर















