चार चार चढ़ेंगे लता के ऊपर। चूत का भौसड़ा बना देंगे दो हफ्ते में ही” ।वंदना की बातें बड़े शहरों के साथ लगी कालोनियों की सच्चाईयां बयान कर रहीं थीं। आधे से ज़्यादा रेप भी इन्हीं झुग्गियों में रहने वाले नाबालिग ही करते हैं।वंदना ने कहा, ” साहब हुए एक बात बोलूं ? XXX Hindi साथ ही वो हंस दी और चूत के ऊपर से साड़ी ऐसे ठीक की जैसे साड़ी के नीचे चड्ढी चूत में घुस गयी हो और उसको निकाल रही हो। मैंने सोचा उस दिन तो वंदना ने चड्ढी नहीं डाली थीI साड़ी तो चूत में फंस नहीं सकती और चड्ढी वंदना पहनती नहीं। फिर ये बार बार चूत वाली जगह से साड़ी क्यों खींचती है ?क्या मुझे जताना चाहती है, “साहब मेरी फुद्दी तैयार है आ जाईये”।फिर भी मैंने पूछा, “मोज़े?”वंदना हंसी और बोली, “आप के मोज़े बहुत गुम होते हैं”।मैंने भी शरारत से कहा कहा, “वंदना गुम तो हुए हैं, तुम मदद कर दो ढूंढने में”।ये कहने के साथ ही मैने साड़ी के ऊपर से वंदना के चूतड़ों को जोर से दबा दिया। क्या सख्त चूतड़ थे वंदना के। वंदना ने कुछ भी नहीं कहा। उल्टा वंदना ने बड़ी ही कातिल नजरों से मुझे और मेरे लंड को देख कर कहा, “कहां ढूंढने हैं साहब”?















