तो मैंने कहा कि हाँ ठीक है गीता जी, तब आंटी ने कहा कि केवल गीता कहो गीता जी नहीं ठीक है। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है गीता और अब गीता ने मुझसे कहा कि चलो अब तुम अपनी पेंट को उतारो में तुम्हारी मालिश कर देती हूँ।फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है और इतना कहते ही गीता आंटी ने मेरी पेंट को उतार दिया और उन्होंने तेल से मेरी मालिश करना चालू कर दिया। उस समय मुझे आंटी कुछ ज्यादा ही मूड में लग रही थी, क्योंकि वो अब बार बार मेरी अंडरवियर में बहुत आगे तक अपने हाथ को डाल रही थी.और तभी में समझ गया कि आंटी भी अब अपनी चुदाई के पूरे मूड में है और में उनसे अच्छे से मालिश करवाता रहा। आंटी ने अब मुझसे कहा कि तुम अब अपनी इस अंडरवियर को भी उतार दो और में तुम्हारी अच्छी तरह मालिश कर देती हूँ और उनके मुहं से इतना सुनते ही मैंने अपनी अंडरवियर को निकाल दिया।अब आंटी मेरे पूरे कूल्हों से लेकर नीचे तक मालिश करने लगी और उनके हाथ अब नीचे मेरे आंड को छू रहे थे, जिसकी वजह से मेरा लंड अब तनकर खड़ा हो चुका था और तभी अचानक आंटी ने मुझे सीधा कर दिया और वो बोली कि यह क्या है?















