ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह, साले हरामी के बिल्ले, तेरा बाप भी ऐसे नहीं चोदता था। तू तो मेरी आगे-पीछे दोनों की फाड़ देगा!” मैं कुछ नहीं सुन रहा था और मैंने अपना पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया। वो चीखने लगीं। मैं थोड़ी देर रुका। फिर वो बोलीं, “बेटे, अब धीरे-धीरे मुझे धक्का मार।”मैंने वैसा ही किया और हम दोनों को मज़ा आने लगा। 20 मिनट बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए। रात तक हमने दो बार और चुदाई की। माँ बहुत खुश लग रही थीं। हमने बाहर से खाना मंगवाया। खाने के बाद हम फिर से चुदाई में जुट गए। रात को मैंने पहले माँ का ब्लाउज़ निकाला, फिर पेटीकोट। फिर बाथरूम में जाकर हमने साथ नहाया। तब मैंने माँ की गांड भी मारी। तब से हम दोनों पति-पत्नी की तरह जी रहे हैं। मैंने माँ की मदद से कई और औरतों को चोदा, जैसे मौसी, बुआ, चाची, और माँ की सहेलियों को।अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह, साले हरामी के बिल्ले, तेरा बाप भी ऐसे नहीं चोदता था। तू तो मेरी आगे-पीछे दोनों की फाड़ देगा!” मैं कुछ नहीं सुन रहा था और मैंने अपना पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया। वो चीखने लगीं। मैं थोड़ी देर रुका। फिर वो बोलीं, “बेटे, अब धीरे-धीरे मुझे धक्का मार।”मैंने वैसा ही किया और हम दोनों को मज़ा आने लगा। 20 मिनट बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए। रात तक हमने दो बार और चुदाई की।















