और वो मेरी चुदाई से बहुत खुश व पूरी तरह से संतुष्ट हो चुकी थी, क्योंकि उसके पति ने अब तक उसको वैसा सुख और चुदाई का मज़ा नहीं दिया, जो मैंने उसको दिया था. XXX Hindi मैंने उससे कहा कि तुम अपनी सलवार को थोड़ा सा नीचे ही कर लो, मुझे बस एक बार तुम्हारी चूत को देखना है, प्लीज तुम मुझे उसके दर्शन करवा दो.और मेरे बहुत कहने पर वो अब मान गई और उसने अपनी सलवार का नाड़ा खोल दिया. इसलिए वो लोग भी हमारे घर पर आते-जाते रहते थे, उनके पांच बच्चे थे. 15 दिन बाद में दोबारा उसके घर पर चला गया और उस दिन मैंने चाय पीने के बाद उसको अपनी बाहों में ले लिया और उसको चूमना शुरु कर दिया.मैंने उसको चूमते- चूमते उसको बेड पर गिरा दिया और उसकी साड़ी को ऊपर कर दिया. एक दिन हमारी अच्छी किस्मत से हम दोनों के घरवाले फिल्म देखने चले गये, लेकिन उनके घर से प्रकृति और मेरे घर से में भी उनके साथ नहीं गया था.क्योंकि में उस समय अपने घर से बाहर था और मुझे घर पहुंचने में ज्यादा समय लगता, इसलिए मेरे घरवाले मुझसे फोन पर यह बात कहकर चले गए कि हम सभी लोग और प्रकृति के घर वाले हम सभी फिल्म देखने जा रहे है.















