दर्द हो रहा है आराम से !!” मैंने कहा।पर उन्होंने मुझे अनसुना कर दिया। और मेरे मम्मो को निचोड़ निचोड़ कर पी रहा था। वो लगातार आधे घंटे तक मेरे को पी रहा। मेरे मम्मो को पीने के बाद उसने मेरी चूची को दबाते हुए मेरी चूची से नीचे बढ़ने लगा। मै कामोतेजित्त हो कर अपने मम्मो को मसलने लगी, और रजनीश मेरे पेट को पेट को पीते हुए मेरे नाभि तक पहुँच गया।मै और भी ज्यादा मचलने लगी थी। मैंने अपनी चूची को जोर जोर से मसलने लगा था। वो मेरे नाभि को पीते हुए मेरे कमर को पीने लगा, धीरे धीरे वो मेरी चूत तक पहुँच गया। उसने मेरे चूत को सहलाते हुए मेरी पैंटी को निकलने लगा।उसने मेरी पैंटी निकलने के बाद, मेरी चूत को बहुत ध्यान से देखने लगा। और कुछ देर बाद उसने मेरी चूत को अपने हाथो से फैला दिया और अपनी जीभ को मेरी चूत मे डाल दिया। उसकी खुरदरी जीभ मेरी नाजुक और कोमल फुद्दी में चुभ रही थी। और मै धीरे धीरे सिसकने लगी थी।राजु ने मेरी बुर के दाने को कुत्ते की तरह से चाट रहा था जिससे मै और भी ज्यादा मचलने लगी थी, कुछ देर लगातार मेरी चूत के दाने को चाटने से थोड़ी ही देर में मेरी चूत गीली हो गई। जब वो मेरी चूत को कुत्ते की तरह















