उसकी तो दर्द से सांस ही रुक गयी थी. हिंदी XXX वो ज़िन्दगी में पहली बार इतनी जल्द सखलित हुई थी. वो देख सकती थी कि वो उसके चेहरे की बारीक़ से बारीक़ रेखाओं की और धयान से देख रहा था, वो देख सकती थी कैसे उसकी आँखें उसकी सांस लेने से ऊपर निचे होते उसके मम्मो के साथ ऊपर निचे हो रही थी.प्रतिमा यहाँ एक तरफ अपने हुसन के इतने जबरदस्त प्रभाव से खुश थी, अपने हुसन पर अभिमान कर रही थी. रोज़ वो उसे बताता था कि वो छुट्टियों में किस किस तरह से उसे चोदने वाला था और जब वो समय पास आया तो उसके पति को जाना पड़ा.प्रतिमा के सारे ख्वाब टूट गए अब वो बाहर नहीं जा सकते थे. पिछले दो साल से उसके पति ने छुट्टी नहीं ली थी और वो महीनो से प्लानिंग कर रहे थे. घर की बेल बजी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है. उसको इतना चोदता था कि वो बस-बस कर उठती थी. प्रतिमा के होंठ अपने बेटे के लंड के सुपाड़े के चारों और कस गए. उसके होंठो पर मुस्कुराहट लौट आई थी. चुत से रस निकल निकल कर उसकी कच्छी और जांघें गीली कर चुका था.















