तो भाभी एकदम से उछल गईं और मुझे चूमने लगीं।मैंने भाभी से पूछा- वो क्या है?तो भाभी मुस्कुराते हुए चूमकर बोलीं- मेरे इन्द्रेश राजा.. हिंदी XXX कुछ नहीं होगा।मुझे शर्म महसूस हो रही थी क्योंकि अन्दर मेरी बहन अनीशा भी थी और इधर मुझे ज़ोर से पेशाब भी लगी थी। मैंने एक बार फिर से कहा, तो इस बार भाभी बाहर आईं और मेरा हाथ पकड़ कर बाथरूम के अन्दर ले गईं और मुझसे बोलीं- अब करो पेशाब।मैंने देखा अन्दर भाभी और अनीशा दोनों ही नंगी थी। मुझे देख कर अनीशा ने भी शर्म से नज़रें नीचे की हुई थीं और अपनी चिकनी सुडौल जाँघों से अपनी नंगी चूत को ढकने की कोशिश कर रही थी.. पर सब बेकार.. चोदेगा क्या इसे भी.. ऐसा लगा जैसे मैं आसमान में उड़ रहा होऊँ और मेरे लण्ड के रास्ते.. मैं उन्हें नहीं गिरा पा रहा था।भाभी को गिराने की कोशिश में मेरे दोनों हाथ उनके कंधे से फिसल कर उनकी चूचियों पर आ गए थे। धक्का देने के लिए मैं उन्हें उसी अवस्था में धकेल रहा था.. भाभी को.. मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था। मेरा लण्ड कड़ा होने लगा था और मेरे पूरे जिस्म में सिहरन हो रही थी। आख़िर मुझसे सहा नहीं गया और मैं उठ कर बैठ गया, तो मैंने देखा कि भाभी और अनीशा दोनों ही नंगी पलंग पर बैठी हैं















