आधे घण्टे तक मुझे चोदने के बाद किशन हट गया। अब गीतेश मुझे चोदने लगा, सलिल आकर मेरे मुंह को चोदने लगा। फिर 40 मिनट बाद गीतेश झड़ गया। अब वीरेन मेरी गुलाबी चूत पीछे से मारने लगा मुझे बैठाकर अब शैलेश मेरे मुँह को चोदने लगा। फिर शैलेश और सलिल ने भी बारी बारी मुझे चोदा और मेरी गुलाबी पुसी को फाड़ के रख दिया। फिर हम सबसे थोड़ा रेस्ट किया। हमने चिकन खाया व्हिस्की पि। थोड़ी कोकीन भी खींची। सबने मुझे बिना कंडोम के चोदा। फिर सबने सिल्डेनाफिल की गोलियां खायी। सबका लण्ड जो मुझे चोद चोद कर सुख गया था, फिर से जाग गया।इस बार वीरेन मुझे सबसे पहले चोदने खाने लगा। फिर शैलेश ने, फिर सलिल ने, फिर गीतेश और किशन ने। उन संडे को मैं पूरा दिन खुलकर चुदी। मैंने पांचो के लण्ड भी खूब चूसे। सच में दोस्तों लण्ड चूसने में भी कम मजा नही मिलता है। मैं सिर हिला हिलाकर अपने मुंह में गले तक लँडों को चूस रही थी। उसके सीमेन को निगल जाती थी। मैंने बिलकुल उसी तरह अपना गैंग बैंग किया था, जैसा मैं ब्लू फिल्म्स में छुप छुपकर देखा करती थी। मेरे गैंग बैंग में मेरे रिसोर्सेस का पूरा यूज़ हुआ। पांचो फ्रेंड्स ने मेरे बूब्स जी भरकर पिए, और मेरी गुलाबी पुसी को खूब बजाया।अपने दोस्तों के साथ शेयर करे-















