गुच्च…..’ “आईssss…..उईsss…..मम्मी…….” 5 मिनट बाद जब लड़की नीचे से खुद ब खुद कमर उछालने लगी तब रिक्शेवाले ने उसे कुतिया बना दिया और और गाँड़ के छेद में थोड़ा सा तेल लगाकर पहले तो उंगली से उसे चोक-चोक कर नरम बनाया फिर अपने पेल्हर को कस कर चाप दिया।“आई मम्मीssssss……..कल्ला रही है……..”“बस मेरी मुर्गी…….हो गया तेरा काम…….अब देख तुझे कैसे चापता हूँ……जब तक तेरी गाँड़ पादेगी नहीं तब तक मेरा लौड़ा झड़ेगा नहीं…..”उसके बाद तो मानों रिक्शेवाला पिल पड़ा। बस 20 ही धक्कों में गाँड़ ढोल की तरह बजने लगी। पक्क-पक्क की आवाज ऐसे आ रही थी मानों किसी ने सुरंग खोद दी हो।“अब बोल……पादती है कि नहीं…….”“नहींssss आहsssss…..”“जब तक नहीं बोलेगी तब तक चोदूंगा……बोल…..पादती है कि नहीं….”लेकिन ठीक तभी जैसे ही रिक्शेवाले ने कस कर चाँपा.‘पुर्रssssssssss……’ लड़की की गाँड़ भी हवा छोड़ बैठी। बस, मानों रिक्शेवाले को इसी का इंतजार था।“ले गया मेरा माल तेरी गाँड़ में…..”इधर जैसे ही उसका लौड़ा सिकुड़ कर बाहर आया वैसे ही वो लड़की बोली-“प्लीज किसी से इस बारे में कुछ मत बताना…….”-लड़की अपना कपड़ा पहनते हुये बोली।“चल एक शर्त पर नहीं बताउंगा……..”- रिक्शेवाला भी अपना कुर्ता पैजामा पहनने लगा।-“वो जो दूसरा रिक्शेवाला था……..वो भी तेरी गाँड़ मारेगा…..बस एक बार मरवा ले फिर किसी से कुछ भी नहीं बताउंगा…”“तुम तो बोल रहे थे वो बहुत कमीना है……”- लड़की टांगों में अपनी कच्छी पहनते हुये बोली।“है तो……..लेकिन















