अब ये मेरे साइज़ की नहीं है, ये तुम्हारे काम आयेंगी।मैं नहाने चली गई। जब मैं नहा कर बाहर आई तो भाभी कमरे में ही थी।भाभी ने मुझे कहा- नव्या, दिखाओ तो तुम्हें ब्रा पेंटी ठीक आई या नहीं?तो मैंने कहा- हाँ भाभी, ठीक साइज़ की हैं।तो उन्होंने कहा- दिखाओ तो ! की है तुमने कभी चुदाई?“की है!” मैंने भाभी से कहा- हाँ मैंने की है भाभी ! XXX Hindi इनसे चुदते हुए मुझे तो ऐसा लगता है कि मैं स्वर्ग में हूँ !तो मैंने कहा- नहीं भाभी, आप जाइये, भईया आपकी राह देख रहे हैं, वो बहुत उताबले हो रहे हैं !फिर भाभी बोली- मैं अपनी बेटी को सुला देती हूँ ! बैठी रहो ! क्यूँ अब मजा आने लगा लगता है?भाभी कहने लगी- हाँ, बहुत मजा आर हा है ! तुम मुझे अपनी सखी-सहेली ही समझो।भाभी की बेटी अभी नौ महीने की है, मैं उसके साथ खेलने लगी।भाभी ने रात का खाना बनाया, हमने खाना खाया, फिर मैंने भाभी से कहा- मैं कहाँ पर सोऊँगी भाभी?तो भाभी ने कहा- नव्या, तुम मेरे साथ मेरे ही कमरे में सो जाओ, तुम्हारे भईया तो है नहीं, तुम मेरे साथ सोओगी तो अच्छा रहेगा।रात में भाभी और मैं कुछ बातें करने लगे। उनकी बेटी रोने लगी तो भाभी ने अपना ब्लाउज ऊपर करके एक उरोज को बाहर निकाल कर गुलाबी निप्पल को बेबी के मुँह















